सीएससी केंद्रों का सत्यापन एवं निरीक्षण जारी, अनियमित पाए जाने पर की जा रही है कार्यवाही
कुशीनगर-सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिकृत सीएससी ई-गवर्नेंस के अंतर्गत संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) केंद्रों का वर्तमान में गहन सत्यापन किया जा रहा है।वर्तमान समय में साइबर अपराध की घटनाओं में निरंतर वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्यरत संस्थाओं द्वारा नागरिकों को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखने हेतु विभिन्न प्रभावी उपाय अपनाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में सीएससी द्वारा संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों को जागरूक करने के साथ-साथ उनका सत्यापन जिला एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
हाल ही में देशभर में ऐसे हजारों सीएससी केंद्रों को बंद किया गया है, जिन्होंने अब तक अपने निर्धारित स्थान पर केंद्र संचालन, रेट लिस्ट, ब्रांडिंग तथा पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र (पीसीसी) जमा नहीं किया है। यह सत्यापन एवं कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।
जो सीएससी केंद्र लंबे समय से सक्रिय नहीं पाए गए अथवा स्थापित होने के उपरांत भी संचालित नहीं हो रहे थे, उनकी सीएससी आईडी निष्क्रिय कर दी गई है।
इस संबंध में जनपद के सीएससी जिला प्रबंधक, गौरव पाण्डेय ने बताया कि प्रथम चरण में जनपद के कुल 500 सीएससी केंद्रों को पुनरीक्षण के उपरांत बंद किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 70 सीएससी केंद्रों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है। इन केंद्रों के माध्यम से विद्युत बिल भुगतान, प्रधानमंत्री योजनाएं, पैन-पासपोर्ट, बीमा सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट, यूसीएल एवं बैंकिंग सहित विभिन्न डिजिटल सेवाओं का पंजीकरण एवं संचालन किया जाता है।
सत्यापन के दौरान सीएससी केंद्रों की ब्रांडिंग, सेवा सूची-रेट लिस्ट तथा पुलिस सत्यापन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जांच प्रक्रिया में विशेष ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग सहित सभी निर्धारित मानकों का परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने सभी सीएससी संचालकों से अपील की है कि वे स्वयं भी साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें तथा आमजन को भी इसके प्रति जागरूक करें।
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