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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 29 Jul 2025 8:24 PM |   357 views

23 से 25 सितम्बर तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में आईएफटीएम-2025 का होगा आयोजन

लखनऊ: -उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग यूरोप के प्रमुख बी2बी ट्रैवल और टूरिज्म ट्रेड शो इंटरनेशनल एंड फ्रेंच ट्रैवल मार्केट (आईएफटीएम) टॉप रेसा 2025 में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 25 सितंबर तक फ्रांस की राजधानी पेरिस के पोर्टे डे वर्सेल्स प्रदर्शनी केंद्र में होगा।

आईएफटीएम उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है, जहां दुनिया भर के पर्यटन बोर्ड, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियां, एयरलाइंस, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड और ट्रैवल ऑपरेटर्स एकत्र होंगे। यह उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर अपनी पर्यटन क्षमताओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

यह जानकारी उ0प्र0 के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि आईएफटीएम टॉप रेसा एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यापार मेला है, जो प्रतिवर्ष फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित किया जाता है। उ0प्र0 पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला मंच बनेगा। साथ ही, राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

फ्रांस, भारत के लिए प्रमुख इनबाउंड पर्यटन बाजारों में शामिल है। वर्ष 2023 में तीन लाख से अधिक फ्रांसीसी पर्यटकों ने भारत का दौरा किया। इससे देश को लगभग 1,800 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। फ्रांसीसी पर्यटकों के रुकने की अवधि ज्यादा होती है और अधिक व्यय भी करते हैं।

उनकी आध्यात्मिकता, वेलनेस, विरासत और सांस्कृतिक अनुभवों में गहरी रुचि होती है, जो उत्तर प्रदेश की पर्यटन विशेषताओं से पूरी तरह मेल खाते हैं। कोरोना महामारी के बाद यूरोपीय पर्यटकों में लौटते उत्साह के बीच आईएफटीएम टॉप रेसा 2025 उत्तर प्रदेश के लिए यूरोपीय पर्यटन बाजार में पहुंच बनाने का एक उपयुक्त और रणनीतिक मंच सिद्ध हो सकता है।

पर्यटन विभाग राज्य की निवेश अनुकूल पर्यटन नीति का व्यापक प्रचार करेगा। जिसके तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के ऐतिहासिक किलों, हवेलियों और धार्मिक स्थलों के पुनः उपयोग, बुटीक होटलों, ईको-रिसॉर्ट्स और आयुर्वेदिक वेलनेस केंद्रों के विकास के अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश की प्रगतिशील पर्यटन नीति, पूंजी सब्सिडी, जमीन का सुगम आवंटन और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने पर केंद्रित होगी। इस दौरान राज्य का प्रतिनिधिमंडल यूरोपीय हितधारकों के साथ संवाद, व्यापारिक बैठकें, सह-ब्रांडिंग तथा सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग और साझेदारी के नए द्वार खोलेगा।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आईएफटीएम टॉप रेसा 2025 राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक रणनीतिक पहल है। फ्रांस और यूरोप न केवल महत्वपूर्ण पर्यटन बाजार हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं के दृष्टिकोण से भी अहम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश को एक विश्वस्तरीय पर्यटन शक्ति के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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