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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 18 May 2024 4:39 PM |   350 views

वर्तमान परिवेश में संग्रहालय का महत्व ‘ विषय पर ब्याख्यान आयोजित किया गया

कुशीनगर -18 मई 2024 को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर और एन एस एस बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के संयुक्त तत्वावधान में ‘ वर्तमान परिवेश में संग्रहालय का महत्व ‘ विषय पर ब्याख्यान एवम् संग्रहालय भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन अज्ञेय स्मृति सभागार कुशीनगर में किया गया।
 
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ सौरभ द्विवेदी ने कहा कि संग्रहालय समाज की उपलब्धियों को संरक्षित करने का कार्य करती है।संग्रहालय देश काल और समाज के इतिहास को हमारे सम्मुख मूर्त रूप में प्रस्तुत करते हैं।समाज की एक इकाई के रूप में हमारी भावनाओं और उपलब्धियों को विश्व के सम्मुख प्रमाण के साथ प्रस्तुत करने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।यह इतिहास के अनदेखे रहस्यों को साकार रूप में हमारे सम्मुख उद्घाटित करती हैं।
 
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने कहा कि  संग्रहालय में हमारी विरासत संरक्षित होती है। अगर संग्रहालय न होते तो देश की आजादी के संघर्ष का इतिहास अपने मूल स्वरूप में हमारे सामने नहीं आ पाता। अगल-अगल संस्थाएं और विभाग भी अपने इतिहास और प्रगति को संरक्षित करने हेतु संग्रहालय का निर्माण करते है। हमारे देश में रेलवे ने अपने इतिहास को संग्रहालयों के माध्यम से विश्व के सम्मुख प्रस्तुत किया है।
 
यह ऐतिहासिक सत्य को संरक्षित करने का सबसे सशक्त माध्यम है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के सचिव वीरेन्द्र सिंह अहलूवालिया ने कहा कि हमारे संग्रहालय इतिहास में झांकने हेतु झरोखे का कार्य करती हैं। यह रोशनी के वह स्रोत है जो इतिहास के अंधेरे पक्ष को पढ़ने हेतु काम आते है। यह ज्ञान के अगाध भंडार हैं। हमारे विद्यार्थियों को संग्रहालयों से लाभ उठाना चाहिए और अपने इतिहास ज्ञान को समृद्ध करना चाहिए।
 
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके हुई। अतिथियों के स्वागत के पश्चात् संग्रहालयाध्यक्ष अमित द्विवेदी ने बताया कि इतिहास को मूर्त रूप में संरक्षित रखने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार ने संग्रहालयो के महत्त्व को देखते ‘ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ‘ में संग्रहालय के अध्ययन को पाठ्यक्रम का अनिवार्य अंग बना दिया गया है।वर्तमान सरकार संग्रहालय के विकास,संरक्षण और विकास हेतु निरन्तर प्रयास कर रही है।
 
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ निगम मौर्य ने किया जबकि आभार ज्ञापन डॉ पारस नाथ ने किया।
 
इस अवसर पर डॉ गौरव तिवारी, डॉ दुर्ग विजय पाल सिंह, डॉ कृष्ण कुमार जायसवाल, डॉ विवेक श्रीवास्तव, श्री टी पी शुक्ला, धीरेंद्र मिश्रा, तरुण, गोविंद, विकास, वेग, कानू, श्रवण आदि समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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