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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 1 Jun 4:10 PM

विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर ई-गोष्ठी का आयोजन किया गया

बलिया -आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर  पशुपालन एवं गुणवत्ता युक्त स्वच्छ दुग्ध उत्पादन  पर ई-गोष्ठी का आयोजन  किया गया ।
 
केन्द्र के अध्यक्ष ए्वं  प्रोफेसर  डा. रवि प्रकाश मौर्य ने इस ई-गोष्ठी से जुड़े हुए  सभी का स्वागत  किया तथा बताया कि इस वर्ष दुग्ध दिवस का थीम पर्यावरण, पोषण एवं सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र में स्थिरता पर केंद्रित है। 
 
डा.अशोक कुमार मिश्र मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बलिया ने बताया कि स्वच्छता के साथ साथ  स्वस्थ  गाय/ भैस से निकाला गया दूध ही स्वच्छ दूध कहलाता है।यह दूध एन्टीबायोटिक ए्वं रासायनिक अवशेषों से मुक्त होना चाहिए। पशु के थन को सदैव जाँच करते रहना चाहिए। स्वस्थ पशु के दूध के साथ बीमारी ग्रसित पशु के साथ नही मिलाना चाहिए। गोशाला की सफाई निरन्तर करते रहना चाहिए।
 
डा.संजय श्रीवास्तव उप पशुचिकित्सा अधिकारी बलिया ने बताया कि स्वच्छ दूध उत्पादन के लिये ब्यक्तिगत स्वच्छता भी अनिवार्य है। दूध दुहने से पहले  दुध दुहने वाले का हाथ साफ होना चाहिए। गाय/भैस के थन सुसुम/गुनगुने पानी से दोहने से पहले ए्वं दोहने के बाद मे धोना चाहिए। तथा थन को साफ कपड़ा से पोछना चाहिए। 
 
डा.भारत सिंह पूर्व संयुक्त निदेशक पशुपालन बक्सर बिहार  ने कहा कि साल में एक बार क्षय रोग ( टी.बी.) ब्रुसेलोसिस बीमारियों की जाँच होनी चाहिए। मास्क लगा कर ही पशुओं का दूध निकालना चाहिए।
 
डा. कृष्ण कुमार मौर्य पशुचिकित्सा अधिकारी ब्लाक सोहाँव   ने पशुओं के प्रमुख रोगों के लक्षण एवं उपचार  पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गला घोटू  एक छूत की बीमारी है इसमें तेज बुखार और जबड़े में सूजन के कारण पशुओं में सांस लेने की कठिनाई एवं घूर घूर की आवाज मुंह कान एवं मलाशय  में सूजन तथा स्राव का आ जाना है।  इसके उपचार के लिए बरसात  के पहले प्रति वर्ष गला घोटू के टीका लगवाना चाहिए।
 
केन्द्र की गृह विज्ञान  वैज्ञानिक डा.प्रेमलता श्रीवास्तव ने दूध से बिभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करने की जानकारी देते हुए बताया कि दूध दही, मट्ठा, पनीर , खोया, छेना , खीर, पेडा. आदि बनाकर मूल्य सम्बर्धन किया जा सकता है। तथा इस कार्यक्रम मे जुडे सभी को धन्यवाद ज्ञापित  किया। अंत मे मौके पर मौजूद सभी किसानों को  उजियार गाँव के राजेश राय  द्वारा स्थापित पशुशाला का भ्रमण कराया  है। 
 
इस कार्यक्रम मे केन्द्र के उधान विशेषज्ञ  राजीव कुमार सिंह , कम्प्यूटर प्रोग्रामर शिवेश कुमार त्रिपाठी,  का सहयोग रहा।  इस  कार्यक्रम मे  बलिया जनपद के 35 पशुपालकों के साथ साथ अन्य जनपदों के भी  वैज्ञानिक  जुडे रहे।
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